Short simple stories to Hindi kahani- वुल्फ प्राइज [Motivational story hindi]

 Hindi kahani- वुल्फ प्राइज 

best inspirational story in Hindi for kids.


स्कूल में स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में विजेताओं को अलग-अलग पुरस्कार के साथ यह तय हुआ कि इस बार ओवरऑल परफॉर्मेंस के बेस पर भी तीन नए प्राइज और दिए जाएंगे। 

जब बात इन प्राइज के नाम तय होने की आई तो एक प्राइज का नाम वुल्फ रखा जाने का सुझाव आया। सबको यह नाम बहुत अटपटा लगा लेकिन बाद में वुल्फ प्राइज नाम के लिए सभी खुशी खुशी राजी हो गए।

इन दिनों स्कूल में बड़ी गहमा-गहमी थी। 8वीं से 10वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं में तरह-तरह की स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन आयोजित होने वाली थीं, साथ ही क्विज कॉन्टेस्ट भी। हर साल सभी कॉम्पिटिशंस में अलग-
अलग विजेताओं को प्राइज मिलते हैं। 

इस साल इन प्राइज के अलावा अंत में तीन बेस्ट परफॉर्मेंस को खास प्राइज घोषित किए जाने वाले थे, जो स्टूडेंट्स के ओवरऑल परफॉर्मेंस के बेस पर तय होने थे। इन नए पुरस्कारों के नाम कक्षा 10 के स्टूडेंट्स को ही तय करने को कहा गया था।

पहला पीरियड शुरू होने में अभी देरी थी। इसलिए 10वीं के छात्र-छात्राएं इसी विचार-विमर्श में लगे हुए थे। कृतिका ने राय दी कि तीनों प्राइजों का नाम डायमंड,
प्लैटिनम और गोल्ड रख लेते हैं, 

सक्षम की सलाह थी कि ये प्राइज शिक्षा जगत की महान विभूतियों के नाम पर हों। लेकिन कोई एक मत नहीं हो पा रहा था, क्योंकि हर कोई कुछ अलग ही कह रहा था। तभी विनीता ने सुझाव दिया, 'हम ये प्राइज लायन, टाइगर और वुल्फ के नाम पर रखवा देते हैं। 

उसकी बात सुनकर पूरी क्लास हंस पड़ी।' मोनिका हंसकर बोली, 'यार! यह लायन और टाइगर तक तो ठीक है, लेकिन वुल्फ कौन कहलाना पसंद करेगा, यह भी कोई प्राइज का नाम हुआ? कितना इंसलटिंग लगेगा ना!' विनीता सीरियस होकर बोली, 'तुम लोग हर बात मजाक में मत लिया करो। 

वुल्फ प्राइज तो बहुत सम्मानजनक पुरस्कार का नाम है।'तभी आनंद सर क्लास में आ गए। आज पहला पीरियड उन्हीं का था। उन्हें देखकर सभी स्टूडेंट चुप हो गए। आनंद सर ने बच्चों की चर्चा सुन ली थी। वह बोले, 'विनीता सही कह रही है। 

यह तो एक इंटरनेशनल अवॉर्ड का नाम है, जो वैज्ञानिकों और कलाकारों को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। वुल्फ प्राइज को इजराइल में नोबेल पुरस्कार जैसा दर्जा प्राप्त है। वहां किसी को वुल्फ प्राइज मिलना बड़े सम्मान की बात मानी जाती है।

आनंद सर की बात सुनकर सभी को आश् चर्य हुआ। अमनदीप बोला, 'सर, तब तो हमें इस प्राइज के बारे में कुछ और भी बताइए। यह तो बहुत रोचक और बिल्कुल नई बात है।'

आनंद सर ने थोड़ा विस्तार से बताया, 'यह पुरस्कार इजराइल का वुल्फ फाउंडेशन देता है। इसके संस्थापक डॉ. रिकार्डो वुल्फ हैं। इस संस्था की स्थापना उन्होंने 1975 में की थी। रिकार्डो एक यहूदी आविष्कारक और जनहितैषी कार्य करने वाले व्यक्ति थे, जो बाद में इजराइली नागरिक बन गए।

'अमनदीप ने पूछा, 'सर! यह पुरस्कार किस क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए दिया जाता है?' आनंद सर ने बताया, 'बेटा, हर साल पांच-छह वुल्फ पुरस्कार दिए जाते हैं, जो कृषि, रसायन, गणित, औषधि और भौतिकी के क्षेत्र में वैज्ञानिक रिसर्च या नई उपलब्धि के लिए होते हैं। 

इसके अलावा कला की श्रेणी में भी यह पुरस्कार दिया जाता है, जो हर वर्ष कभी स्थापत्य कला (आर्किटेक्चर), कभी संगीत, कभी चित्रकारी, तो कभी मूर्तिकला के लिए दिया जाता है।' कृतिका ने पूछा, 'सर, अभी आपने बताया कि इस पुरस्कार को इजराइल में नोबेल प्राइज जैसा माना जाता है, 

तो क्या इसके पीछे कोई खास वजह है?' आनंद सर ने बताया, 'हां, इसे न सिर्फ नोबेल पुरस्कार जैसा बल्कि प्री-बातों ही बातों में पीरियड कब खत्म हो गया,पता ही नहीं चला। 

विनीता के कारण मिली इस जानकारी के लिए सबने उसको धन्यवाद दिया और फिर उसके प्रस्ताव को
स्वीकृति दे दी। नोबेल प्राइज भी कहते हैं। इसकी वजह
यह है कि अब तक जिन लोगों को वुल्फ पुरस्कार मिला, उनमें से कई को अपनी उपलब्धियों के लिए नोबेल पुरस्कार भी मिला है। 

1978 से 2010 के बीच भौतिकी के क्षेत्र में वुल्फ पुरस्कार पाने वाले 26 विद्वानों में से 14 को बाद में नोबेल पुरस्कार भी मिला।' तभी सक्षम ने अपना हाथ उठाया। सर की अनुमति मिलने पर उसने पूछा, 'सर, यह इतना बड़ा पुरस्कार है, तब तो इसे बहुत शानदार तरीके से दिया जाता होगा? 

इस संबंध में कुछ बताइए।' सर बोले, "बिल्कुल, इसे सचमुच शानदार तरीके से ही दिया जाता है। जेरूशलम में स्थित इजरायल की संसद नैसेट बिल्डिंग में एक आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाता है और वहां के राष्ट्रपति चयनित विद्वानों को यह पुरस्कार देते हैं। 

इसके तहत विद्वानों को 1,00,000 डॉलर पुरस्कार स्वरूप दिया जाता है। अगर एक ही फील्ड में 1 से ज्यादा विजेता हों तो पुरस्कार की राशि को उनमें बांट दिया जाता है। अब तक 23 देशों के 336 वैज्ञानिकों और कलाकारों को यह सम्मानजनक पुरस्कार मिल चुका है 

और तुम लोग उसको काल्पनिक मानकर विनीता का मजाक उड़ा रहे थे। क्विज कॉन्टेस्ट के लिए इसकी तैयारी का अंदाजा लगा लो अब।' कह कर आनंद सर हंसने लगे। बातों ही बातों में पीरियड कब खत्म हो गया, पता ही नहीं चला। 

विनीता के कारण मिली इस जानकारी के लिए सबने उसको धन्यवाद दिया और फिर उसके प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी, लेकिन इस सुधार के साथ कि फर्स्ट प्राइज वुल्फ, सेकेंड लॉयन और थर्ड प्राइज टाइगर होगा।

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