Story अपना-अपना सुख. Best inspirational story in hindi

लघुकथा :- अपना-अपना सुख 

"Best inspirational story in hindi"

Best inspirational story in hindi
Story

राजेश नया पेशेंट आया है, उसे बेड नंबर बीस पर ले जाओ।' 'राजेश बेड शीट बदलो जल्दी।' 'राजेश सब मरीजों को नाश्ता मिला कि नहीं, देख कर आओ।' निजी अस्पताल जिसे प्रशासन ने कोविड सेंटर में परिवर्तित कर दिया है। लगभग तीस मरीज भर्ती हैं, कुछ आ रहे हैं, कुछ जा रहें हैं और कुछ ऐसे जो कभी वापस घर नहीं जा सके। 
Motivational stories 

राजेश वार्ड बॉय काम के प्रति समर्पित, खुशमिजाज चिकित्सकों की नजर में ऑल राउंडर है. इसलिए उसे हर काम के लिए पुकारा जाता है। आज ही एक प्रसिद्ध व्यवसायी भर्ती हुए हैं।

राजेश ने शीघ्रता से सारी व्यवस्था दुरुस्त कर दी। राजेश का मोबाईल नम्बर सेठ जी के बेटे ने कहीं से प्राप्त कर लिया, उसने राजेश को कॉल करते हुए कहा- मेरे पिताजी का ध्यान बहुत अच्छे से रखना। मैं तुम्हें प्रतिदिन पांच सौ रुपये दूंगा।'

राजेश ने मन ही मन हिसाब लगाया कि सेठ जी दस दिन भर्ती रहे, तो पांच हजार रुपये मिल जाएंगे। घर के लिये राशन, पत्नी और बेटी के कपड़े और भी बहुत कुछ राजेश के अरमानों को जैसे पंख लग गए। सेठ जी की सेवा मन लगाकर करने लगा किन्तु एक सप्ताह बाद ही उनका देहांत हो गया। 
Short story in hindi 

वह मन ही मन दुखी हो गया कि यह लो घाटा हो गया। तभी उसे एम्बुलेंस का हॉर्न सुनाई दिया। वह लपककर मुख्य द्वार की ओर दौड़ा। दो नये मरीज भर्ती होने आये हैं। बाहर ही मरीज के भाई से राजेश ने अपना परिचय देते हुए कहा- 'मैं यहां का वार्ड बॉय हूं। मैं इनकी देख -भाल बहुत अच्छी तरह करुंगा आप चिन्ता न करें। 

मरीज के भाई ने सजल नेत्रों और भरे गले से धन्यवाद देते हुए राजेश के कानों में धीरे से कहा- 'मुझे रोज कॉल करके इनका समाचार देते रहना, तुम्हें खर्च के लिये में प्रतिदिन एक हजार रुपये दूंगा। 'जी यह तो मेरी ड्यूटी हैं। राजेश अपनी खुशी छिपाते हुए मरीजों को अन्दर ले जाने से पहले अपना मोबाइल नंबर भाई को दे गया। 

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